“सरकारी वेतन लेकर राजनीति” – NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मदरसा एसोसिएशन पर साधा सीधा निशाना
सपा को समर्थन के फैसले पर उठाए बड़े सवाल, रजिस्ट्रेशन रद्द करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत सरकार के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो ने उत्तर प्रदेश के मदरसा टीचर-मैनेजर एसोसिएशन के समाजवादी पार्टी को समर्थन
अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर नागरिकता जाँच रहा घूसखोर लेखपाल,निलंबन की माँग,DM ने SDM रामनगर को सौंपी जाँच
लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील के मीरपुर क्षेत्र में तैनात घूसखोर लेखपाल आशुतोष वर्मा अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर ग्रामीणों की नागरिकता की जाँच कर रहा है। ग्राम पंचायत सुढियामऊ तहसील रामनगर निवासी मो० उसामा अंसारी पुत्र मो० वसीम ने
जाति प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली और उत्पीड़न,लेखपाल पर गंभीर आरोप,पुलिस महानिरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन उ०प्र० से शिकायत
दो बार आवेदन निरस्त, अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन के पुलिस महानिरीक्षक के दरबार में पहुंचा मामला; मीरपुर क्षेत्र के प्रमाण पत्रों की जांच की मांग लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील के मीरपुर क्षेत्र में जाति प्रमाण पत्रों को लेकर कथित
मंथली कमीशन से सरकारी जमीनों पर चल रहे कई राज्यानुदानित मदरसे,विभागीय मिलीभगत उजागर
2023 के विभागीय सत्यापन पर उठे गंभीर सवाल, बाराबंकी से कुशीनगर और आजमगढ़ तक सामने आईं भूमि-भवन व मान्यता संबंधी विसंगतियां लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 558 राज्यानुदानित मदरसों की भूमि, भवन और मान्यता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए
भ्रष्टाचार और घोटाले की भेंट चढ़ा था मदरसों का विभागीय सत्यापन,बाराबंकी से आजमगढ़ तक फैला है फर्जी मान्यता और अनुदान का जाल
लखनऊ। वर्ष 2023 में शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के समस्त राज्यानुदानित मदरसों की भूमि, भवन और अन्य मानकों का जिला स्तर पर समितियां गठित कर सत्यापन कराया गया था। लेकिन अब यही विभागीय सत्यापन खुद सवालों के कठघरे में खड़ा हो गया
मोहसिन रज़ा की सरकार में ज़ोरदार वापसी,कैबिनेट रैंक के साथ अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन बने
लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सरकार की ओर से मंगलवार को उनकी नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किया गया। उन्हें कैबिनेट मंत्री स्तर
राजस्व विभाग की जाँच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा,सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा कर संचालित हो रहा राज्यानुदानित मदरसा दारुल उलूम पीरबटावन बाराबंकी
बिना मानचित्र स्वीकृति भवन, फिर भी मान्यता और सरकारी अनुदान—वर्षों से कैसे चलता रहा पूरा खेल ? लखनऊ। नगर पालिका परिषद नवाबगंज जनपद बाराबंकी क्षेत्र के बीचों-बीच संचालित राज्यानुदानित मदरसा दारुल उलूम पीरबटावन बाराबंकी की मान्यता और सरकारी अनुदान को लेकर अब गंभीर
राष्ट्रपति भवन से कामिल-फाज़िल पर बजा खतरे का अलार्म! याचिका केंद्र के दो बड़े मंत्रालयों को भेजी गई
2004 से डिग्रियों की वैधानिकता पर उठे सवाल ने पकड़ा तूल, राष्ट्रपति सचिवालय ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग को भेजी याचिका लखनऊ। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की कामिल-फाजिल डिग्रियों की वैधानिकता को लेकर उठाया गया सवाल अब सीधे केंद्र सरकार
उत्तर प्रदेश के 558 राज्यानुदानित मदरसों पर 35 सवाल,333 पन्नों की शिकायत देकर केन्द्रीय गृह मंत्री से C.B.I.जाँच की माँग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 558 राज्य-अनुदानित मदरसों को मिलने वाले लगभग ₹1100 करोड़ के वार्षिक सरकारी बजट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 333 पन्नों की एक विस्तृत शिकायत में सरकारी अनुदान, शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन, नियुक्तियों, छात्र संख्या, प्रबंध समितियों, शैक्षिक प्रमाण-पत्रों
शासन, निदेशालय और मदरसा बोर्ड के आदेशों को नहीं मानते अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी! विभाग बेलगाम, जांच और आदेश फाइलों में कैद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में शासन और निदेशालय के आदेशों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं। विभाग के जिला स्तर से लेकर निदेशालय तक तैनात अधिकारियों पर यह सवाल उठ रहा है कि

