यूपी में 4000 मदरसों को मिल रही फंडिंग की जाँच तेज,ATS-SIT अलर्ट

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में लगभग 4000 मदरसों को प्राप्त हो रही फंडिंग को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन मदरसों की विस्तृत जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की बैठक में अहम निर्णय लिए गए हैं।
यह बैठक 22 दिसंबर 2025 को पुलिस महानिरीक्षक (आतंकवाद निरोधक दस्ता–ATS) की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विदेशी चंदे के स्रोत, मदरसों की वैधता और वित्तीय लेन-देन पर गहन समीक्षा की गई।
जांच के प्रमुख बिंदु
- सभी फील्ड इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में संचालित मान्यता प्राप्त व गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की सूची तैयार कर सत्यापन करें।
– मदरसों और उनके संचालकों के बैंक खातों में हुए लेन-देन का पूरा ब्यौरा लिया जाएगा।
– यह प्रक्रिया दो सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश हैं। - जांच में सामने आया है कि कई मदरसे आय से कहीं अधिक बड़ी इमारतों और भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि उनके निर्माण के लिए किसी प्रामाणिक फंड स्रोत की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
– ऐसे मामलों में भवन निर्माण के खर्च और विदेशी फंडिंग के संबंध की गहन पड़ताल की जाएगी। - स्थानीय स्रोतों, खुफिया इकाइयों और जनपदीय स्तर से इनपुट लेकर विदेशी फंडिंग से जुड़े तथ्यों का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि Actionable कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों और विभागों को निर्देश
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी जिलों के जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जांच रिपोर्ट संस्तुति सहित तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं और यदि ATS की कोई टीम संपर्क करे तो पूर्ण सहयोग दिया जाए।
सरकार का सख्त संदेश
यह आदेश इस बात का संकेत है कि सरकार मदरसों के नाम पर हो रही अवैध फंडिंग को लेकर कोई ढील नहीं बरतने वाली। आने वाले दिनों में बड़े खुलासे और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

