“सरकारी वेतन लेकर राजनीति” – NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मदरसा एसोसिएशन पर साधा सीधा निशाना
उत्तर प्रदेश

“सरकारी वेतन लेकर राजनीति” – NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मदरसा एसोसिएशन पर साधा सीधा निशाना

सपा को समर्थन के फैसले पर उठाए बड़े सवाल, रजिस्ट्रेशन रद्द करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत सरकार के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो ने उत्तर प्रदेश के मदरसा टीचर-मैनेजर एसोसिएशन के समाजवादी पार्टी को समर्थन देने के कथित निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकारी वेतन पाने वाले मदरसा कर्मचारियों की राजनीतिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सोशल मीडिया पर जारी अपनी सार्वजनिक पोस्ट में कानूनगो ने लिखा कि यदि कोई संगठन सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों का है, तो वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन का फैसला कैसे कर सकता है ? उन्होंने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग भी की।

“रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग”

डॉ. कानूनगो ने अपनी पोस्ट में उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी से संबंधित एसोसिएशन का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव से भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

पोस्ट के साथ साझा किया दस्तावेज

अपनी पोस्ट में उन्होंने एक कार्यालय ज्ञापन की प्रति भी साझा की, जिसमें “Manager Association Arabic Madaris U.P.” के नाम से समाजवादी पार्टी के शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी प्रत्याशियों को समर्थन देने संबंधी निर्णय का उल्लेख दिखाई देता है।

मामला क्यों अहम है ?

डॉ. प्रियंक कानूनगो वर्तमान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार के सदस्य हैं और इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में उनका यह सार्वजनिक बयान उत्तर प्रदेश के मदरसों, सरकारी अनुदान और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ी बहस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *