उत्तर प्रदेश

रणजी ट्राफी में यूपी को मिले चार टीमों का हक,मुख्यमंत्री योगी से उठी दमदार माँग

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और प्रतिभा-समृद्ध राज्य को रणजी ट्रॉफी में केवल एक टीम तक सीमित रखना न सिर्फ अन्यायपूर्ण है, बल्कि हजारों उभरते क्रिकेटरों के भविष्य के साथ समझौता भी है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व रणजी खिलाड़ी और पूर्व राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश को चार रणजी टीमों का प्रतिनिधित्व देने की ज़ोरदार मांग उठाई।

मुलाकात के दौरान मोहसिन रज़ा ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों को एक से अधिक रणजी टीमें दी गई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल, जनसंख्या और क्रिकेट प्रतिभा के लिहाज़ से उनसे कहीं आगे है। यूपी के 75 ज़िलों और करीब 25 करोड़ की आबादी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं, कमी है तो सिर्फ़ अवसरों की।

उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सीमित टीमों की वजह से हर साल सैकड़ों योग्य खिलाड़ी चयन प्रक्रिया में बाहर रह जाते हैं। यदि यूपी को चार टीमों में बांटा जाए, तो खिलाड़ियों को ज़्यादा मैच, बेहतर एक्सपोज़र और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के वास्तविक मौके मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अधिक से अधिक अवसर दिलाने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी औपचारिक रूप से प्रस्ताव भेजने और आवश्यक नियमगत प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही महिला क्रिकेटरों को भी समान अवसर देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

अगर यह मांग मानी जाती है, तो उत्तर प्रदेश देश के क्रिकेट मानचित्र पर एक नई ताकत बनकर उभरेगा—जहां से सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि भविष्य के कप्तान और मैच-विनर निकलेंगे।

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